प्रेम कथाएँ कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Love Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultu...Read More


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Muhabbat Ek Sabaq - 5 By Afariya Faruqui

“क्या टाइम हो रहा है ???”,उसने थके थके से अंदाज़ मे बैग टेबल पर रखते हुए पूछा|मैडम राबेआ के पीरिएड से फ़ारिग़ हो कर वह दोनो अभी अभी कैंटीन आईं थीं|“बारह बज रहे हैं”,नादिया ने रिस्ट...

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बारिश की वो पहली मुलाक़ात - पार्ट 4 By July Writes

(सबसे मुश्किल इम्तिहान) रिया के मिलने के बाद जैसे आईशा की दुनिया पूरी हो गई थी। उसके लौटने से परिवार में जैसे जान आ गई थी।अब बारिश सिर्फ़ मोहब्बत और मिलन की ही निशानी नहीं थी…बल्कि...

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तुमसे मोहब्बत है - 9 By Deepshikha Kedia

वाणी और कबीर लिफ़्ट से निकलकरसीधे 12th-floor boardroom की तरफ चलते हैं।काँच की दीवारों वाले उस कॉन्फ़्रेंस हॉल मेंपहले से ही कई लोग मौजूद हैं।टेबल के हेड पर Vinay Damani,उनके दाईं...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। - एपिसोड 15 By kajal jha

अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 15: जब लेखक कहानी बन गयास्टेशन के टूटे हुए शीशों में सिर्फ एक चेहरा दिखाई दे रहा था—अनन्या का।लेकिन वो अनन्या नहीं थी।उसकी आँखें पूरी काली थीं।...

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प्यार की परीभाषा - 9 By Rishav raj

अगली सुबह घर में हमेशा की तरह जल्दी हलचल शुरू हो गई रसोई से तवे पर सिकती रोटियों की हल्की खुशबू आ रही थी। सुषेला चुपचाप अपने काम में लगी हुई थीगैस पर एक तरफ साधारण आलू की सब्ज़ी पक...

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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई (46) By Ramesh Desai

              शहद की गुड़िया - प्रकरण 46       " जरीवाला बड़ा हरामी आदमी था.. ऊस की नजर बहुत ख़राब थी.       " स्नेहा दादू के साथ काम करती थी.. ऊस बात से उसे बहुत जलन होती थी. वह स्ने...

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रिश्तों का सच By Vijay Erry

रिश्तों का  सच     लेखक: विजय शर्मा ऐरीगांव हरिपुर की सुबह हमेशा की तरह शांत थी। खेतों में ओस की बूंदें मोतियों की तरह चमक रही थीं और पक्षियों का मधुर कलरव वातावरण को संगीतमय बना र...

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होटल का वेटर और उसकी प्रेम कहानी - 6 By kalpita

(काम्या कपूर वेटर से मदद मांगती है और उसे अपना दो दिन का बॉयफ़्रेंड बनाने की ट्रेनिंग शुरू करती है। चॉपस्टिक से खाना खिलाना और बैठने का तरीका सिखाती है।)------ --------“क्योंकि रात...

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हीर-रांझा: द मॉडर्न थ्रिलर - 4 By Shaziya Khan

एपिसोड 4: झूठा जाल और हीर का तूफान"साज़िशें कितनी भी गहरी क्यों न हों, सच का दामन थामे हौसलों के आगे घुटने टेक ही देती हैं..."— समीर ख़ानकैदो अपनी बेइज़्ज़ती को भूलने वालों में से...

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Ishq ka Ittefaq - 12 By Alok

मेहरा मेंशन की सुबह आज कुछ ज्यादा ही भारी थी. सूरज की रोशनी खिडकियों से अंदर तो आ रही थी, पर घर के कोनों में पसरी कडवाहट को दूर नहीं कर पा रही थी. सिया सुबह पाँच बजे ही उठ गई थी. उ...

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ख़ामोशी के उस पार By SHREYA INDUSHREE

खामोशी के उस पार......देहरादून की सर्द हवाएँ हर शाम को थोड़ा और सुस्त बना देती थीं।शहर का आसमान यहाँ के लोगों की तरह था ..... सादा, पर अपने भीतर बहुत कुछ छुपाए हुए।कॉलेज की लाइब्रे...

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प्रेम की अमर महक By Makvana Bhavek

सेमल के फूल और कस्तूरी की महक सांझ उतर रही थी। डूबते सूरज की लालिमा पूरे जंगल पर बिखर गई थी। जंगल के बीचों-बीच खड़ा विशाल सेमल का वृक्ष अपने लाल फूलों के कारण ऐसा लगता था मानो उसकी...

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माई डियर प्रोफेसर - भाग 22 By Vartika reena

------------चारू क्लास मे बैठी नोट्स पढ रही थी। जब अमर क्लास मे एंटर हुआ।  सभी स्टूडेंट्स खडे होकर उसे मोर्निंग विश कर बैठ गए। चारू आज विंडो के पास पीछे बैठी थी। तो अमर को दिखी नही...

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वो बस वक़्त गुज़ार रहा था By aakanksha

बारिश की हल्की बूंदें खिड़की के शीशे पर दस्तक दे रही थीं। कमरे में अंधेरा था और आर्यन अपने बिस्तर पर बैठा पुरानी चैट्स पढ़ रहा था। हर मैसेज, हर तस्वीर और हर याद उसे उसी मोड़ पर ले...

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हम फिर से मिले मगर इस तरह - 26 By MASHAALLHA KHAN

हम फिर से मिले मगर इस तरहऐपिसोड़ - 26​अरुण इस वक्त रूपाली से उसकी अवस्था के बारे में कुछ नहीं पूछता। वह भली-भांति समझ चुका था कि उसके साथ होने वाली सभी घटनाएँ रूपाली से ही जुड़ी है...

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मेरा पहला प्यार By Vijay Erry

मेरा पहला प्यारलेखक: विजय शर्मा एरीअध्याय 1: बचपन की गलियों मेंअमृतसर की पुरानी गलियों में मेरा बचपन बीता। वहीँ पहली बार मैंने उसे देखा था — स्कूल की नीली यूनिफ़ॉर्म में, हाथ में क...

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पुराना जहाज़ By Kuntal Sanjay Bhatt

पुराना जहाज़*************वह खाँसता हुआ, साँसों को जैसे खींचता हुआ नदी के किनारे यहाँ वहाँ घूमता रहता। उछलते हुए पानी की मस्तियाँ, नज़दीकी गाँव की हरियाली और आसमान के बदलते रँगों को घ...

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डिजिटल रूह एक अनकहा मोहब्बत - पार्ट 1 By Irfan ayan Khan

मुंबई की सुबह और लोकल ट्रेन की वो भागदौड़। कहने को तो यह शहर कभी सोता नहीं, पर इस शहर की असली रूह इन पटरियों पर ही दौड़ती है। मैं भी उसी भीड़ का एक हिस्सा था, जो अपनी नौकरी की ओर ब...

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दिल की भूल - 3 By Bikash parajuli

अस्पताल के सफेद कॉरिडोर में अजीब सी खामोशी थी।चारों तरफ दवाइयों की गंध फैली हुई थी और मशीनों की धीमी आवाज माहौल को और भारी बना रही थी।आरव वहीं खड़ा रह गया।उसके कानों में सिर्फ एक ह...

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Bayaan - Part 5 By Radha rani Jha

Part 5 .  बारे में जान रही थी, उतना ही मुझे लग रहा था कि वह खुद भी अपनी भावनाओं को पूरी तरह नहीं समझ पाई थी। वह बार-बार लिखती थी कि उसे अभिनव से प्यार नहीं है, लेकिन उसकी हर द...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 26 By Sonam Brijwasi

घर में हल्की रोशनी है।हर कमरा अपने अंदर एक दर्द छुपाए हुए है।तीनों अलग-अलग जगह… पर तीनों के दिल एक ही जैसे टूटे हुए। KABIR’S ROOMकबीर खिड़की के पास बैठा है।बाहर रात का सन्नाटा…अंदर...

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हमदम मेरे राही By Sofia

सुबह के लगभग 8 बज रहे थे।दिल्ली जैसे बड़े शहर में जो कभी न रुकना वाले शहर के नाम से जाना जाता है।सड़क पर लोगों के कदमों की आवाज और गाड़ियों की रफ्तार की आवाज गूंज रही थी।सूरज अपने प...

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क़िस्से ज़िंदगी के - 1 By SHREYA INDUSHREE

प्राग की सर्द रात थी।व्लतावा नदी के किनारे हवा में नमी थी, और शहर की रोशनी पानी पर सुनहरी झिलमिलाहट फैला रही थी।वहीँ एक कैफ़े की खिड़की के पास बैठा था , आर्यन मल्होत्रा,अपने महंगे...

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Mafia's Obsessed Love - 12 By Priyanka Saini

इधर दूसरी तरफ वेदांश घर आता है काफी रात हो चुकी थी सब सो गए थे । राठौर विला में चारों तरफ सिक्योरिटी गार्ड खड़े थे ।वह अपनी कार से उतरकर सीधा लिविंग एरिया में आता है। सामने मनीष जी...

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ज़ख्मों की शादी - 25 By Sonam Brijwasi

सुबह की हल्की धूप परदे के किनारों से भीतर आ रही थी। सृष्टि की नींद धीरे-धीरे खुली। कुछ पल उसे समझ नहीं आया वो कहाँ है। फिर उसे एहसास हुआ, वो कबीर की बाँहों में है।उसका सिर उसके कंध...

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Muhabbat Ek Sabaq - 5 By Afariya Faruqui

“क्या टाइम हो रहा है ???”,उसने थके थके से अंदाज़ मे बैग टेबल पर रखते हुए पूछा|मैडम राबेआ के पीरिएड से फ़ारिग़ हो कर वह दोनो अभी अभी कैंटीन आईं थीं|“बारह बज रहे हैं”,नादिया ने रिस्ट...

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बारिश की वो पहली मुलाक़ात - पार्ट 4 By July Writes

(सबसे मुश्किल इम्तिहान) रिया के मिलने के बाद जैसे आईशा की दुनिया पूरी हो गई थी। उसके लौटने से परिवार में जैसे जान आ गई थी।अब बारिश सिर्फ़ मोहब्बत और मिलन की ही निशानी नहीं थी…बल्कि...

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तुमसे मोहब्बत है - 9 By Deepshikha Kedia

वाणी और कबीर लिफ़्ट से निकलकरसीधे 12th-floor boardroom की तरफ चलते हैं।काँच की दीवारों वाले उस कॉन्फ़्रेंस हॉल मेंपहले से ही कई लोग मौजूद हैं।टेबल के हेड पर Vinay Damani,उनके दाईं...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। - एपिसोड 15 By kajal jha

अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 15: जब लेखक कहानी बन गयास्टेशन के टूटे हुए शीशों में सिर्फ एक चेहरा दिखाई दे रहा था—अनन्या का।लेकिन वो अनन्या नहीं थी।उसकी आँखें पूरी काली थीं।...

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प्यार की परीभाषा - 9 By Rishav raj

अगली सुबह घर में हमेशा की तरह जल्दी हलचल शुरू हो गई रसोई से तवे पर सिकती रोटियों की हल्की खुशबू आ रही थी। सुषेला चुपचाप अपने काम में लगी हुई थीगैस पर एक तरफ साधारण आलू की सब्ज़ी पक...

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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई (46) By Ramesh Desai

              शहद की गुड़िया - प्रकरण 46       " जरीवाला बड़ा हरामी आदमी था.. ऊस की नजर बहुत ख़राब थी.       " स्नेहा दादू के साथ काम करती थी.. ऊस बात से उसे बहुत जलन होती थी. वह स्ने...

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रिश्तों का सच By Vijay Erry

रिश्तों का  सच     लेखक: विजय शर्मा ऐरीगांव हरिपुर की सुबह हमेशा की तरह शांत थी। खेतों में ओस की बूंदें मोतियों की तरह चमक रही थीं और पक्षियों का मधुर कलरव वातावरण को संगीतमय बना र...

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होटल का वेटर और उसकी प्रेम कहानी - 6 By kalpita

(काम्या कपूर वेटर से मदद मांगती है और उसे अपना दो दिन का बॉयफ़्रेंड बनाने की ट्रेनिंग शुरू करती है। चॉपस्टिक से खाना खिलाना और बैठने का तरीका सिखाती है।)------ --------“क्योंकि रात...

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हीर-रांझा: द मॉडर्न थ्रिलर - 4 By Shaziya Khan

एपिसोड 4: झूठा जाल और हीर का तूफान"साज़िशें कितनी भी गहरी क्यों न हों, सच का दामन थामे हौसलों के आगे घुटने टेक ही देती हैं..."— समीर ख़ानकैदो अपनी बेइज़्ज़ती को भूलने वालों में से...

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Ishq ka Ittefaq - 12 By Alok

मेहरा मेंशन की सुबह आज कुछ ज्यादा ही भारी थी. सूरज की रोशनी खिडकियों से अंदर तो आ रही थी, पर घर के कोनों में पसरी कडवाहट को दूर नहीं कर पा रही थी. सिया सुबह पाँच बजे ही उठ गई थी. उ...

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ख़ामोशी के उस पार By SHREYA INDUSHREE

खामोशी के उस पार......देहरादून की सर्द हवाएँ हर शाम को थोड़ा और सुस्त बना देती थीं।शहर का आसमान यहाँ के लोगों की तरह था ..... सादा, पर अपने भीतर बहुत कुछ छुपाए हुए।कॉलेज की लाइब्रे...

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प्रेम की अमर महक By Makvana Bhavek

सेमल के फूल और कस्तूरी की महक सांझ उतर रही थी। डूबते सूरज की लालिमा पूरे जंगल पर बिखर गई थी। जंगल के बीचों-बीच खड़ा विशाल सेमल का वृक्ष अपने लाल फूलों के कारण ऐसा लगता था मानो उसकी...

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माई डियर प्रोफेसर - भाग 22 By Vartika reena

------------चारू क्लास मे बैठी नोट्स पढ रही थी। जब अमर क्लास मे एंटर हुआ।  सभी स्टूडेंट्स खडे होकर उसे मोर्निंग विश कर बैठ गए। चारू आज विंडो के पास पीछे बैठी थी। तो अमर को दिखी नही...

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बारिश की हल्की बूंदें खिड़की के शीशे पर दस्तक दे रही थीं। कमरे में अंधेरा था और आर्यन अपने बिस्तर पर बैठा पुरानी चैट्स पढ़ रहा था। हर मैसेज, हर तस्वीर और हर याद उसे उसी मोड़ पर ले...

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हम फिर से मिले मगर इस तरह - 26 By MASHAALLHA KHAN

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मेरा पहला प्यार By Vijay Erry

मेरा पहला प्यारलेखक: विजय शर्मा एरीअध्याय 1: बचपन की गलियों मेंअमृतसर की पुरानी गलियों में मेरा बचपन बीता। वहीँ पहली बार मैंने उसे देखा था — स्कूल की नीली यूनिफ़ॉर्म में, हाथ में क...

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पुराना जहाज़ By Kuntal Sanjay Bhatt

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डिजिटल रूह एक अनकहा मोहब्बत - पार्ट 1 By Irfan ayan Khan

मुंबई की सुबह और लोकल ट्रेन की वो भागदौड़। कहने को तो यह शहर कभी सोता नहीं, पर इस शहर की असली रूह इन पटरियों पर ही दौड़ती है। मैं भी उसी भीड़ का एक हिस्सा था, जो अपनी नौकरी की ओर ब...

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दिल की भूल - 3 By Bikash parajuli

अस्पताल के सफेद कॉरिडोर में अजीब सी खामोशी थी।चारों तरफ दवाइयों की गंध फैली हुई थी और मशीनों की धीमी आवाज माहौल को और भारी बना रही थी।आरव वहीं खड़ा रह गया।उसके कानों में सिर्फ एक ह...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 26 By Sonam Brijwasi

घर में हल्की रोशनी है।हर कमरा अपने अंदर एक दर्द छुपाए हुए है।तीनों अलग-अलग जगह… पर तीनों के दिल एक ही जैसे टूटे हुए। KABIR’S ROOMकबीर खिड़की के पास बैठा है।बाहर रात का सन्नाटा…अंदर...

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हमदम मेरे राही By Sofia

सुबह के लगभग 8 बज रहे थे।दिल्ली जैसे बड़े शहर में जो कभी न रुकना वाले शहर के नाम से जाना जाता है।सड़क पर लोगों के कदमों की आवाज और गाड़ियों की रफ्तार की आवाज गूंज रही थी।सूरज अपने प...

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क़िस्से ज़िंदगी के - 1 By SHREYA INDUSHREE

प्राग की सर्द रात थी।व्लतावा नदी के किनारे हवा में नमी थी, और शहर की रोशनी पानी पर सुनहरी झिलमिलाहट फैला रही थी।वहीँ एक कैफ़े की खिड़की के पास बैठा था , आर्यन मल्होत्रा,अपने महंगे...

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Mafia's Obsessed Love - 12 By Priyanka Saini

इधर दूसरी तरफ वेदांश घर आता है काफी रात हो चुकी थी सब सो गए थे । राठौर विला में चारों तरफ सिक्योरिटी गार्ड खड़े थे ।वह अपनी कार से उतरकर सीधा लिविंग एरिया में आता है। सामने मनीष जी...

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ज़ख्मों की शादी - 25 By Sonam Brijwasi

सुबह की हल्की धूप परदे के किनारों से भीतर आ रही थी। सृष्टि की नींद धीरे-धीरे खुली। कुछ पल उसे समझ नहीं आया वो कहाँ है। फिर उसे एहसास हुआ, वो कबीर की बाँहों में है।उसका सिर उसके कंध...

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